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4 special advice how time , flexibility , forgiveness , talent are important in our life .

जानिए जीवन में किस तरह महत्वपूर्ण है समय , प्रतिभा , लचीलापन और माफी ...............  

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समय धन है जिसे या तो खर्च किया जा सकता है या निवेश 

आपकी सबसे अमूल्य धरोहर आपका समय है । यह बेहद सीमित है और एक बार चला गया तो हमेशा के लिए चला जाता है । आपकी जिंदगी का स्तर इस पर ही निर्भर करता है कि आप अपने इस बेशकीमती संसाधन का कैसे उपयोग करते हैं । आपको मिनटों और घंटों को प्रभावशाली ढंग से इस्तेमाल करना आना चाहिए । आप समय की बचत तो नहीं कर सकते केवल बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं । बेहतर भविष्य के लिए वर्तमान में समय का बेहतर उपयोग करना सीखना होगा । समय ही धन है जिसे या तो खर्च किया जा सकता है या निवेश किया जा सकता है । -दपावर ऑफ नाउ

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माफ करके आपजीवन की ओर दोबारा लौटते हैं ।

 कुछ लोग केवल इसलिए माफ नहीं करते कि इसे लेकर उनके मन में यह गूलतफहमी होती है कि माफ करके वे व्यक्ति के उस व्यवहार को मान्यता दे रहे हैं , जो उनकी नाराजगी का मुख्य कारण था । सच तो यह है कि माफ करके आप जीवन की ओर दोबारा लौटते हैं । माफ करना बहुत ही स्वार्थी काम है जिसका वास्ता आपके अपने मानसिक संतुलन और मन की शांति से है । कॉमेडियन बडी हैकेट ने कहा था ' मैं कभी किसी से द्वेष नहीं करता क्योंकि जब आप द्वेष कर रहे होते हैं तब वे जीवन का आनंद उठाते हैं । ' द्वेष करने से ज्यादा  आसान है माफ कर ना - ग्रिट

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तरक्की की राह में एक ही सबसे बड़ी बाधा : रुक जाना 

तरक्की न कर पाने का बड़ा कारण है , थम जाना या अपने बारे में खुशफहमी होना । इसे हठधर्मिता भी कहा जा सकता है जिसका अर्थ है अपने कहे गए शब्दों को ही हमेशा सही साबित करने की प्रवृत्ति । राल्फ वाल्डो इमर्सन ने उनके निबंध ' सेल्फ रिलायंस ' में लिखा है कि ' स्तर विशेष पर बने रहने के लिए हठधर्मिता संकुचित दिमागों का भ्रम मात्र है । ' अपने विचारों पर अड़े रहने का आपका रवैया बड़ी बाधा बन सकता है । अपने पुराने विचारों को उस वक्त त्यागने के लिए तैयार होना चाहिए जब उससे नया और बेहतर विचार उपलब्ध हो ।
 - माइंडसेट

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भीड़ को प्रतिभाशाली व्यक्ति के अनुशासन में रखना चाहिए 

मानव तभी उन्नत होता है जब वह व्यक्ति को अपनी रचनात्मक शक्तियों को उच्चतम शिखर तक विकसित करने की सुविधाएं जुटाता है और उपलेब्धियों का समुदाय की भलाई के लिए उपयोग करता है । -एक सभ्य समाज का प्राथमिक दायित्व है कि वह लिए चिंतक को सभी सुविधाएं जुटाए जिससे वह अपनी सफलता से सर्वसाधारण को अधिकतम लाभ पहुंचा सके । समाज को भी भरसक प्रयास करना चाहिए कि प्रतिभाशाली व्यक्तियों को भीड़ से बचाया जाए । भीड़ को तो प्रतिभाशाली व्यक्ति के अनुशासन में रखा जाना चाहिए । - ऑटोबायोग्राफी ऑफ हिटलर


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